Friendship हमारे life का important part
होता है, जिसकी जरुरत हर इंसान को होती है, दोस्ती का रिश्ता किसी सामाजिक नियमों के अनुसार नही होता है | दुनिया मे दोस्ती ही ऐसे शक्श होते है जिन से हम अपनी सारी बातें share करते हैं |
आज के समय मे शायद ही कैसे लोग होंगे जिनका कोई दोस्त नहीं
होगा |दोस्ती की रिश्ते मे हम सब के बीच किसी भी तरह की को भी पाबंदियां नहीं होती
जिन से हम अपने रिस्तो में किसी भी तरह की कश्मकश महशूश करें |
खुदा की खुदाई होती है दोस्ती ,
दुआओं में मांगी अमानत होती है दोस्ती,
दोस्ती करने से न मुकरना ए-मेरे दोस्त,
वीराने में बहार जैसी होती है दोस्ती ।
दोस्ती एक सामाजिक रिश्ता होता है, जो कि society और उन लोगों के relation पर depend करती है।
इसे समझाने के लिए इस तरह से कहा जा सकता है-
मानव रिश्ते दो तरह के होते हैं। एक वो जो उसके जन्म
के साथी ही उस से जुड़ जाते है,और दुसरे वो जिन्हें वो इस दुनिया मे खुद अपनी पसंद से बनता है
जिनमे Mom-Dad,Grandfather,Grandmother,Uncle-Aunty,
Bother-Sister etc. इनसब जैसे कई और रिश्ते जिन्हे हम खुद तय नहीं कर सकते हम से जुड़ जाते हैं,पर दोस्तीखुद से बनाये रिश्तों मे से होती है जिन से
हम किसी भी Rule या Regulation के बिना निभाते है |
Mom –Dad और सभी रिश्ते हमारे लिए पहले से ही तय किये
होते हैं,अधिकतर लोग दोस्ती के रिश्ते को secondary relation मानते हैं, पर दोस्ती का रिश्ता हमारे important relations मे से एक होत है । जिन के साथ हम अपने अच्छे- बुरे सारे time spend करते है,और जो हमारे द्वारा बनाये हुए होते है |
Life मे जब हम कभी उदास हों या कोई
परेशानी हो तो या हमारा self confidence कम
हो गया हो तो ये दोस्त ही हमें हमारे हमारी ताकत बन जाते है,और हमारा दर्द अपने होने क एहसास से ही कम कर देते हैं।




No comments:
Post a Comment